Home दर्द बेवफ़ाई इश्क इज़हार गिला शिकवादर्द बेवफ़ाई इश्क इज़हार गिला शिकवा इश्क अरमान शायरी हिंदी इमेजेज
दर्द  बेवफ़ाई इश्क इज़हार गिला शिकवा इश्क अरमान शायरी हिंदी इमेजेज

दर्द बेवफ़ाई इश्क इज़हार गिला शिकवा इश्क अरमान शायरी हिंदी इमेजेज

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#जिंदगी ने मेरे मर्ज़ का, एक बढीया इलाज़ बताया,
वक्त को दवा कहा और मतलबियो से परहेज बताया|
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#ज़माने में आये हो तो जीने का हुनर भी रखना;
दुश्मनों से कोई खतरा नहीं बस अपनो पे नजर रखना!
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#नजर से दूर रहकर भी किसी की सोच में रहना;
किसी के पास रहने का तरीका हो तो ऐसा हो#
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अल्फाज तय करते हैं फैसले किरदारो के;
उतरना दिल मे है या दिल से उतरना है!
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आ तेरी रूह को अपने प्यार के रंगों से सराबोर कर दूँ,
महकने लगेंगी साँसें तेरी, ऐसी सुगंध बफाओं की भर दूँ।
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साफ़ दामन का दौर अब खत्म हुआ,
लोग अपने धब्बों पे गुरूर करने लगे!
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इश्क़ की होलियां खेलनी छोड़ दी है हमने,
वरना हर चेहरे पे रंग सिर्फ़ हमारा ही होता
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तमन्ना तुम्हें रंग लगाने की नहीं है,
तमन्ना तुम्हारे रंग मे रंग जाने की है!
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कौन सा रंग लगाऊं तेरे चेहरे पर,
कि मेरा मन तो पहले ही तेरे रंग में रंग चुका है!
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मैं हूँ अगर आवारा तो वजह है हुस्न तुम्हारा,
ऐसा मैं हरगिज़ नहीं था तेरे दीदार से पहले!
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वजह की तलाश में, वक्त ना गवाया करो;
बेवजह, बेपरवाह, बेझिझक बस मुस्कुराया करो!
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बड़ी फुर्सत से बनाया है तेरे खुदा ने तुझे;
वरना सुरत तेरी इस कदर ना चाँद से मिलती!
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मेरी आँखों में यहीं हद से ज्यादा बेशुमार हैं,
तेरा ही इश्क़, तेरा ही दर्द, तेरा ही इंतज़ार हैं!
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मेरी नीम सी ज़िन्दगी शहद कर दे;
कोई मुझे इतना चाहे की हद कर दे!
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ना बात कर पीने पिलाने की, मेरा ग़ज़लों में मयखाना है;
मैं शायर भी पुराना हूँ, और मेरा तज़ुर्बा भी पुराना है|
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तमाम लोगों को अपनी अपनी मंजिल मिल चुकी,
कमबख्त हमारा दिल है, कि अब भी सफर में है।
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आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में ‘फ़िराक़’;
जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए!
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यहाँ हर कोई रखता है खबर, गैरों के गुनाहों की;
अजीब फ़ितरत है, कोई आइना नही रखता।
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मनाए दुनिया इक ही दिन जश्न मोहब्बत का;
मेरी तो हर साँस तेरे इश्क से ही महकती है!
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तेरे पास में बैठना भी इबादत;
तुझे दूर से देखना भी इबादत;
न माला, न मंतर, न पूजा, न सजदा;
तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत!
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दो चार लफ्ज़ प्यार के ले कर मैं क्या करूंगा;
करनी है तो वफ़ा की मुकम्मल किताब मेरे नाम कर !
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