Home अश्क इश्क दर्द शायरी 2 लाइनअश्क इश्क दर्द शायरी 2 लाइन हिंदी फॉण्ट इमेजेज डाउनलोड
अश्क इश्क दर्द शायरी 2 लाइन हिंदी फॉण्ट इमेजेज डाउनलोड

अश्क इश्क दर्द शायरी 2 लाइन हिंदी फॉण्ट इमेजेज डाउनलोड

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#सफर-ए-जिन्दगी मेँ जब कोई, मुश्किल मकाम आया;
ना गैरोँ ने तवज्जो दी, ना अपना कोई काम आया!
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#कड़वा है, फीका है, शिकवा क्या कीजिए;
जीवन समझौता है, घूँट – घूँट पीजीए#
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#रुतबा तो खामोशियों का होता है;
अल्फ़ाज़ का क्या वह तो मुकर जाते हैं हालात देखकर#
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#उम्र को हराना है, तो शौक़ ज़िंदा रखिए;
कुछ ही दोस्त रखिये, मगर चुनिन्दा रखिये#
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#अजनबी शहर मे किसी ने पीछे से पत्थर फेंका है;
जख्म कह रहा है जरुर इस शहर मे कोई अपना मौजूद #है#
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मुफ़्त में नहीं सीखा उदासी में मुस्कराने का हुनर,
बदले में ज़िन्दगी की हर #ख़ुशी तबाह की है |
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कुछ बात है की हस्ती #मिटती नहीं हमारी;
सदियों रहा है दुश्मन दौरे -जमाँ हमारा!
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लड़खड़ाये कदम तो गिरे उनकी बाँहों मे;
आज हमारा पीना ही #हमारे काम आ गया।
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वही ज़मीन है वही #आसमान वही हम तुम;
सवाल यह है ज़माना बदल गया कैसे!
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बुलबुल के#परो में बाज़ नहीं होते;
कमजोर और बुजदिलो के हाथो में राज नहीं होते;
जिन्हें पड़ जाती है झुक कर चलने की आदत;
दोस्तों उन सिरों पर कभी ताज नहीं होते!
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जब #भी उमड़े हैँ सैलाब तेरे तसव्वुर के,
मयख़ाना गवाह है कैसे हर जाम बेअसर हुआ है!

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वक्त-वक्त की बात है;
कल जो रंग थे, आज दाग हो गये।
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यूँ ही नहीं ये सिरहाने, #तेरी खुशबू से भर गए होंगे,
महके हुए कुछ ख़्वाब तेरे, मेरी आँखों से गिर गए होंगे
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ना तंग कर प्यार करने दे ऐ जिन्दगी;
तेरी कसम तुझसे भी #हसींन है वो!
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शायद किसी लकीर में मिल जाऊं;
मुझे कुछ क़रीब से देखने दे हथेली तेरी
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आज से हम भी बदलेंगे अंदाज-ऐ-ज़िंदगी,
राब्ता सबसे होगा, वास्ता किसी से नही।
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जरुरी# नहीं है कुछ तोड़ने के लिए पत्थर ही मारा जाए;
अंदाज बदल कर बोलने से भी बहुत कुछ टूट जाता है
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लफ़्ज़ों# के बोझ से थक जाती हैं, ज़ुबान कभी कभी;
पता नहीं ‘खामोशी मज़बूरी हैं या समझदारी!
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#कोई प्यार से जरा सी फुंक मार दे तो बुझ जाऊं;
नफरत से तो तुफान भी हार गए मुझे बुझाने में!
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वो शायद मतलब से मिलते है;
मुझे तो मिलने से मतलब है!
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#ऐसे माहौल में दवा क्या है दुआ क्या है;
जहां कातिल ही खुद पूछे कि हुआ क्या है!

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#जिंदगी खेलती उसी से है;
जो अच्छा खिलाड़ी होता है!
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हौसले भी किसी हकीम से कम नहीं होते;
हर तकलीफ़ में ताक़त की दवा देते हैं।
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#रिश्ते बनाना इतना आसान जैसे,
‘मिट्टी’ पर ‘मिट्टी’ से “मिट्टी” लिखना;
लेकिन रिश्ते निभाना उतना ही मुश्किल जैसे,
‘पानी’ पर ‘पानी’ से “पानी” लिखना!
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#ये जो जिंदगी की किताब है;
ये किताब भी क्या किताब है;
इंसान जिल्द संवारने में व्यस्त है;
और पन्ने बिखरने को बेताब हैं!
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#तुम्हें सिर्फ ठेला दिखता है सड़क पर साहब,
हक़ीक़त में वो अपना पूरा घर खींचता है!
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सिर्फ टूटे हुए लोग ही जानते है,
की टूटने का दर्द क्या होता है !
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#आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में ‘फ़िराक़’;
#जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए
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#महफ़िल में जो हमे दाद देने से कतराते हैं;
#सुना है तन्हाइयों में वो हमारी शायरी गुनगुनाते हैं
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#रोकने की कोशिश तो बहुत की पलकों ने, मगर;
इश्क में पागल थे आँसू, ख़ुदकुशी करते चले गए#

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